झारखंड कॅरियर पोर्टल के द्वारा नौवीं कक्षा से ही 546 कोर्सो की जानकारी आसानी से ले सकते हैं

जैसा कि हम सभी आजकल देख  रहे कि हर कोई   अपने भविष्य में कुछ बनना चाहता है कुछ करना चाहता है। ज्यादातर आप लोगों के मुंह से यही जवाब सुनिएगा कि वो डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक बनना चाहता है। आज के समय में अगर छात्र-छात्रा चाहे तो पर्यटन, एनिमेशन, मास कम्युनिकेशन, टेक्सटाइल डिजाइन और बहुत सारे ऐसे भी क्षेत्र है।जहां पर वो अपना कैरियर बना सकते हैं। जैसा कि हम सभी देखते हैं की गांव घर में भी सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपने कैरियर को लेकर काफी परेशान रहते हैं,लेकिन अब वो भी नौवीं  से ही अपने कैरियर के बारे में बहुत सारे जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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जैसा कि हम सभी जानते हैं जेईपीसी आई ड्रीम कॅरियर और  यूनिसेफ की तरफ से  संयुक्त रूप से झारखंड कॅरियर पोर्टल बनाया गया है। बताया जा रहा है कि झारखंड कैरियर पोर्टल में  26 सौ से ज्यादा  शैक्षणिक  और व्यवसायिक क्षेत्र और 546 कोर्सों के बारे में भी जानकारी  दिया गया है।

बताया जा रहा है  जैक से रजिस्टर्ड जिले के सभी स्कूलों में जितने भी नामांकित वर्ग नौ से 12वीं तक के लड़के, लड़कियां और शिक्षक है, सभी को झारखंड कॅरियर पोर्टल का इस्तेमाल करने के लिए बताया गया है।

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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद निदेशक ने जो पत्र जारी किया है। उसमें कहा है कि ये  शिक्षकों और छात्रों के लिए काफी लाभदायक होगा। जैसा कि हम सभी देख रहे हैं अभी के समय में  स्कूल और बाकी सभी संस्थाएं बंद है।ये हम सभी के लिए  एक चुनौतीपूर्ण स्थिति बन गई है।

अगर आप और ज्यादा जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आप अपने समय का उपयोग कर झारखंड कैरियर पोर्टल का इस्तेमाल करके बहुत सारे जानकारी भी  प्राप्त कर सकते हैं। इस पोर्टल में सभी प्रकार की जानकारी आसान तरीके से उपलब्ध है।

आप इस पोर्टल  में ये भी देख सकते हैं कि न्यूनतम कितनी पढ़ाई में क्या-क्या अवसर आपको मिल सकता है इसमें आपको  कितना वेतन मिलेगा ये भी जानकारी आप इस पोर्टल के माध्यम  से प्राप्त कर सकते हैं। इस पोर्टल से शिक्षकों को भी जोड़ने के लिए कहा गया है ताकि शिक्षक अच्छे से इस पोर्टल के बारे में जानकारी प्राप्त करें और अपने स्कूल के छात्र और छात्राओं को  इस पोर्टल के बारे में सही ज्ञान दे।  झारखंड कॅरियर पोर्टल में जो भी जानकारी दी गई है।वो सब  बहुत आसान तरीके से बताया गया है ताकि शिक्षक और छात्र -छात्राएं इसे सही ढंग से समझ सके और उन्हें समझने में  कोई कठिनाई नहीं हो।

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